किसान आंदोलन के समर्थन में बोलीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस

दुनिया भर की मशहूर हस्तियां भारत में पिछले दो महीनों से चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में आ रही हैं. एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग और अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना के बाद अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी ने भी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों को अपना समर्थन दिया है.

कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस ने बुधवार को ट्वीट में किसानों को समर्थन देते हुए कहा कि दुनिया का सबसे बड़ी आबादी वाला लोकतंत्र खतरे में है.

इसके बाद भारत में किसान आंदोलन की एक तस्वीर को ट्वीट करते हुए मीना हैरिस ने लिखा, ये महज एक संयोग नहीं है कि दुनिया के सबसे पुराने लोकतंत्र पर (अमेरिका) पर एक महीने पहले ही हमला हुआ और अब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर खतरा है. ये दोनों घटनाएं जुड़ी हुई हैं. हमें भारत में आंदोलनरत किसानों के खिलाफ सुरक्षा बलों की हिंसा और इंटरनेट बंद किए जाने को लेकर आक्रोशित होना चाहिए.

मीना हैरिस ने लिखा, “किसानों को लेकर हमें उसी तरह से प्रतिक्रिया देनी चाहिए जिस तरह से हमने कैपिटल हिल में हुई हिंसा को लेकर दी है क्योंकि किसी भी जगह पर फासीवाद हर जगह के लोकतंत्र के लिए खतरा है. ट्रंप का कार्यकाल भले ही खत्म हो गया है लेकिन अपने आस-पास देखिए- वो लहर अब भी उफान पर है.”

मीना हैरिस ने लिखा, “उग्र राष्ट्रवाद अमेरिकी राजनीति, भारत या किसी दूसरी जगह पर उतनी ही बड़ी ताकत है. इसे तभी रोका जा सकता है जब लोग इस हकीकत को महसूस कर सकें कि फासीवाद तानाशाह कहीं नहीं जाने वाला है, जब तक कि हम संगठित नहीं होंगे और कैपिटल हिल जैसी घटनाओं के कोई नतीजे नहीं होंगे.”

अमेरिकी उप-राष्ट्रपति की भतीजी ने अंत में लिखा, “सच्चाई के साथ ही एकता का जन्म होता है. जवाबदेही तय किए बिना जख्मों को भरना नामुमकिन है. आवाज उठाइए और कम पर समझौता ना करिए.”

कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस से पहले, किसान आंदोलन को लेकर कई मशहूर सेलेब्रिटीज ने आवाज उठाई. इनमें सबसे प्रमुख नाम अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना और क्लाइमेट ऐक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग हैं. अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट पर फॉलोअर्स के मामले में चौथे नंबर पर हैं.

रिहाना ने एक किसान आंदोलन के मद्देनजर इंटरनेट बंद किए जाने की खबर को ट्वीट करते हुए लिखा कि हम इसे लेकर बात क्यों नहीं कर रहे हैं. वहीं, क्लाइमेट ऐक्टिविस्ट ग्रेटा ने अपने ट्वीट में लिखा कि हम भारत में जारी किसानों के आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर करते हैं.

ह्यूमन राइट्स वॉच के एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर कीनेथ रोथ ने भी ट्वीट कर किसान आंदोलन को अपना समर्थन दिया है. रोथ ने लिखा, भारत की नरेंद्र मोदी सरकार अपने हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडे के मकसद में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खत्म कर रही है. नागरिकता को लेकर भेदभावपूर्ण नीति, दलितों और आदिवासी को हाशिए पर रखने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग इसके शिकार हो रहे हैं. अब सरकार किसानों जिनमें से ज्यादातर सिख हैं, को निशाना बना रही है.

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